रविवार
04 अक्तूबर 2026
62-0311
सबसे बड़ी लड़ाई जो कभी लड़ी गई
सभा शुरू होती है:
0
दिन
19
घंटे
40
मिनट
35
सेकंड

Sun Apr 26, 2020 10:00 AM EDT

प्रिय मीकायाह के लोगों,

अब तक की सबसे बड़ी लड़ाई क्रिया में आने के लिए तैयार है। परमेश्वर छह हज़ार से ज़्यादा सालों से अपने खास सैनिकों को चुन रहा हैं, और आपको उसकी महान सेना में होने के लिए पहले से ठहराया गया है और चुना गया है।

वो आपको तैयार कर रहा हैं और प्रशिक्षण दे रहा हैं, और लड़ाई का मैदान अब तैयार हो चुका है, बस आरंभ होने पर है। उसने न सिर्फ़ आपको अपनी महान सेना में शामिल होने के लिए चुना है, बल्कि अपनी सेना में एक मीकायाह भविष्यवक्ता के तौर पर होने के लिए चुना है।

वह समय आ चूका है, वह दिन आ चूका है; आपको हर एक शत्रु को हराने के लिए सीधे आग के खंभे से प्रशिक्षण मिलेगा। आपको हर एक दुष्ट आत्मा को खत्म करने के लिए क्या करना है, इस विषय में वचन-दर-वचन विशेष निर्देश मिलेंगे। यह आपके सामने आने वाली हर एक बीमारी और हर शैतान को ख़त्म कर देगा। कोई भी चीज़ आपके रास्ते में खड़ी नहीं हो पाएगी।

इस विशेष प्रशिक्षण के बाद, आप उसके वचन से इतने मज़बूत हो जायेंगे कि आप हर बुराई को बाहर निकाल फेंकेंगे। तर्क-वितर्क को निकाल फेंकेंगे। अंधविश्वासों को निकाल फेंकेंगे। चिंता को निकाल फेंकेंगे। बीमारियों को निकाल फेंकेंगे। पाप को निकाल फेंकेंगे। आप समझ जायेंगे कि आप इन सबसे ऊपर हैं, मसीह यीशु में जी उठे हैं, स्वर्गीय स्थानों में बैठे हुए हैं, और हर एक शैतान आपके पैरों के नीचे है। आप पूरी तरह से समझ जायेंगे और विश्वास करेंगे कि आप वचन हैं।

वो आपको सिखायेगा कि किन चीज़ों से सावधान रहना है। वो आपको निर्देशित करेगा कि यदि आपका शत्रु आपको यह विश्वास दिला दे कि आपका हथियार इतना शक्तिशाली नहीं है, तो वह आपको निहत्था कर देगा।

सैनिको, लेकिन हम अपने प्रशिक्षण को याद रखेंगे, और उस शैतान से कहेंगे: यह हम नहीं हैं, हम कुछ भी नहीं हैं। हमारा हथियार परमेश्वर का वचन है और यह हर एक शैतान को हरा देगा, कभी भी, किसी भी स्थान में, क्योंकि यह उसका वचन है, और उसने हमें प्रशिक्षण दिया है और यह प्रकट किया है कि अब हम ही उसका देहधारी हुआ वचन हैं। इसलिए, हम हार नहीं सकते है, हम परमेश्वर की ना हारने वाली सेना हैं।

दुनिया के इतिहास के सबसे महान दिनों में से एक दिन इस रविवार को होने जा रहा है। दुनिया भर में मीकायाह के लोग अपने महान सेनापति की आवाज़ के नीचे एक साथ जुड़ेंगे, जहाँ हम सब एक चित्त होकर इतने एक साथ जुड़े हुए होंगे कि कहीं भी संदेह की कोई छाया नहीं होगी।

फिर, यदि हम बस विश्वास करें, और हम विश्वास करते हैं, तो दुनिया भर में कोई भी कमज़ोर मनुष्य नहीं रहेगा। यदि हम बस उस एक खास चीज़ को ठीक कर लें, तो पवित्र आत्मा की इच्छा रखने वाला ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जो उसे प्राप्त न करे, और यदि हम अपने स्थान पर दृढ़ बने रहें, तो आत्मा और शरीर दोनों अपने-आप ठीक हो जायेंगे। अभी सही समय है। हम ही वो लोग हैं। परमेश्वर की आत्मा ने हर एक शैतान के विरोध में दर्जे को ऊँचा किया है; हम उन्हीं में से एक हैं और हमें कोई रोक नहीं सकता!!

हम अपनी चेतनाओ के लिए मर चुके है, अपने तर्क-बुद्धि और उन सभी चीज़ों के लिए मर चुके हैं। हमारा जीवन छिपा हुआ है और हम यीशु मसीह के नाम में गाड़े गए हैं, और उसके साथ जी उठे हैं। और जहाँ वो हैं, वहीं हम भी हैं।

शैतान, हमने तुझ पर बार-बार यह कहकर प्रहार करते हुए अपना रास्ता बना लिया है “यहोवा यों कहता है। यहोवा यों कहता है। यहोवा यों कहता है।” अंत में हमें कुछ ताज़ी हवा की महक महसूस हो रही है। “यहोवा यों कहता है।” शैतान, यहाँ हम आ रहे हैं; हमने अपना सिर अब बाहर निकाल लिया हैं। “यहोवा यों कहता है, तू पराजित हो चूका है।”

हम शैतान को किससे हराते हैं?

वचन से!
आइए हम इसे कहें; वचन से! वचन से! वचन से!!

और भी प्रशिक्षण के निर्देश

अब जब शत्रु प्रहार करता है और कहता है कि तुम्हें यह करना होगा, तुम्हें वह करना होगा, तुम किसी काम के नहीं हो, तुम योग्य नहीं हो, तुम चंगे नहीं हुए हो, तुम्हारी समस्यायें वैसी ही हैं... तो आप क्या करोगे?

“मुझसे दूर हो जा।“ प्रहार! आप वचन से उसे काट देते हैं। चाहे वह दुष्ट आत्मा हो, शत्रु हो, बीमारी हो, रोग हो, या ये कुछ भी हो, उस वचन को लें और तलवार की तरह चलायें। और यदि पहली बार वार करने पर, वह न हिले, तो फिर से वार करें, और फिर से वार करें, और फिर से वार करें।

हम बस इस आधार पर वचन को स्वीकार करते हैं कि, “परमेश्वर ने ऐसा कहा है,” और यह हमारे और उसके बीच एक धारा को बना देता है। हमारे और उसके बीच रास्ता खुल जाता है। हम कहते हैं, “मुझे नहीं पता कि यह मुझे कब मिलेगा, लेकिन यह मुझे मिलेगा ही मिलेगा। परमेश्वर ने ऐसा कहा है। हर एक संदेह जा चूका है... अब तो हमें अपने संदेहो पर भी संदेह हो रहा है।“

हम शैतान का सामना करते हैं और परमेश्वर के वचन को लेते हैं। चाहे मुझे कुछ सनसनी महसूस हो या कोई सनसनी न हो, चाहे कुछ भी हो जाए, परमेश्वर ने ऐसा कहा है। बस, इससे बात खत्म हो जाती है।

सैनिकों, इन आदेशों का अक्षर दर अक्षर पालन करो। जब शत्रु प्रहार करे तो इन वचनों को दोहराओ। ये तुम्हारे वचन नहीं हैं, ये उसके वचन हैं, और उसके वचन कभी विफल नहीं हो सकते। उसने हमें अपना वचन बनाने के द्वारा अपने वचन का उपयोग करने की शक्ति दी है। जब शैतान प्रहार करे, तो उसे अपने आदेश पढ़कर सुनाओ।

हमारे सेनापति के निर्देश

यहाँ है वो जो मैं चाहता हूँ कि आप बिल्कुल ऐसा ही करें।

इस शपथ को दोहरायें और सम्पूर्ण छुटकारे के लिए हर वचन पर विश्वास करें।

शैतान, दूर हट! मैं यहाँ से बाहर आ रहा हूँ।

मैं अब और यहाँ पर पड़ा नहीं रहूँगा। मैं अब और यहाँ पर बैठा नहीं रहूँगा। मैं अब इस पुराने शैतान की ज़मीन पर नहीं रहूँगा। आज सुबह मैं अंडे को चोंच से मारते हुए अपने रास्ते को बनाकर बाहर आ रहा हूँ।

मैं एक उकाब हूँ। आमीन! हाल्लेलुय्याह!

उसके बाद मैं चाहता हूँ कि आप ऐसा करें:

इसे ज़ोर से कहें, “यहोवा यों कहता हैं। यहोवा यों कहता हैं। यहोवा यों कहता हैं।“

अपने मन को खोलें और कहें, “आपका वचन सत्य है।“

हे प्रभु, मैं इस बात पर ध्यान नहीं दूँगा कि मुझे कैसा महसूस हो रहा है, या कोई और, या मैं खुद क्या कहता हूँ। मैं रुक रहा हूँ, मैं अपने मन के हर मार्ग को बंद कर रहा हूँ, उन सारे हलचल, संदेहो और अविश्वास को बाहर निकाल रहा हूँ जो हमेशा मुझमें थे। मेरी हर एक भावना, मेरी हर एक बीमारी, और बाकी की हर एक चीज जो हमेशा मुझमें थी, मैं उन सबको बाहर निकाल रहा हूँ। मैं उन सबसे आगे निकल रहा हूँ। मैं सीधे अपनी आत्मा की ओर आ रहा हूँ।

आपका विश्वास और ऊँचा और ऊँचा होता चला जाएगा। फिर उससे कहे, हे प्रभु, नीचे आ जाए। आपने कहा था कि आपने मुझे अपनी मर्ज़ी से चुनने की आज़ादी दी है।“

“हाँ, मेरे बेटे, तुम्हें है।"

तो ठीक है, मैं अपने हदय और मन को खोलता हूँ।

“अंदर आये, प्रभु यीशु।“

विश्वास को थाम लो, आत्मा की उस तलवार को, यहोवा यों कहता है।

चिल्लाये, “हाल्लेलुय्याह!” आमीन।

फिर अपने सामने मौजूद हर एक शत्रु को काट गिराओ। आमीन। बस यही करना है। हर शत्रु को काट डालो। यदि कोई डरावनी आत्मा तुम्हें परेशान कर रही है... तो प्रभु के वचन से उस चीज़ को काट डालो।

सैनिक, तुम्हारे लिए आखिरी निर्देश।
शत्रु से कहो:

“मुझसे दूर हो जा।“ प्रहार!

आप वचन से उस पर वार करो। चाहे वह दुष्टात्मा हो, चाहे शत्रु हो, चाहे बीमारी हो, चाहे रोग हो, ये कुछ भी हो, उस वचन को लो और तलवार से वार करो। और यदि पहली बार वार करने पर वह न हिले, तो फिर से वार करो, और फिर से, और फिर से। और तब तक वार करो जब तक आप उसमें छेद न कर दो, जैसे कोई छोटा चूज़ा चोंच मार कर अंडे से बाहर आता है; या उकाब, जो आप हो। बीमारी के उस पुराने अंडे की खोल को अपने आप से चोंच मार कर बाहर निकलो। अपना रास्ता बनाओ और कहो, “हाल्लेलुय्याह!

अगला कौन है?” आमीन। यही लड़ाई है। यही सैनिक है। यही क्रूस का सैनिक है। हाँ, महाशय। हर एक शत्रु को हरा दो। क्यों? क्यों?

हम अब्राहम के पहले से ठहराये हुए, शाही बीज हैं।

महिमा हो, हर एक शत्रु हार गया है। ऐसी कोई चीज़ नहीं है जो परमेश्वर के वचन के सामने खड़ी हो सके, और हम परमेश्वर का वचन हैं। हम उसका शाही बीज हैं और हर एक प्रतिज्ञा हमारी है।

वह दिन आ पहुंचा है, दुल्हन हर वचन पर विश्वास करती है और उसके अनुसार काम करती है। हमने उसके वचन को सुनने के द्वारा और उस पर विश्वास करते हुए खुद को तैयार किया है।

यदि आपको किसी चीज़ की ज़रूरत है, यदि आप पवित्र आत्मा से भरना चाहते हैं, यदि आप चंगाई को पाना चाहते हैं, यदि आप चाहते हैं कि हर एक दुष्टात्मा निकल जाए, यदि आप मसीह की दुल्हन बनना चाहते हैं, तो यही वो समय है, और उसकी आवाज़ को सुनना और उस पर विश्वास करना है तो यही वो स्थान है।

यदि आप इन चीजों की इच्छा रखते हैं और प्रभु की उपस्थिति में रहना चाहते हैं, पहले से कहीं ज़्यादा नजदीक, तो रविवार की दोपहर 12:00 बजे जेफरसनविले समय के अनुसार हमारे साथ जुड़ें। हमारा चार-सितारों वाला जनरल अपनी शक्तिशाली मीकायाह दुल्हन को निर्देशित करेगा कि कैसे हर दुष्टात्मा और हर एक शत्रु को हराया जाये, कैसे आज़ाद होना है, पवित्र आत्मा से भरना है, और उसके जल्द आगमन के लिए तैयार होना है।

भाई जोसफ ब्रंहम

 

संदेश: सबसे बड़ी लड़ाई जो कभी लड़ी गई। 62-0311

वचन:

1 पतरस 5: 8-10
इफिसियों 6:10-17
दानिय्येल 12: 1-7