संग्रहीत पत्र
शनिवार, 25 अप्रैल 2026

प्रिय प्यारी सी दुल्हन,

घड़ी बहुत आगे बढ़ चुकी है। समय आ पहुँचा है। निर्णय लेना आवश्यक है। परमेश्वर अपने बच्चों को चेतावनी दे रहा हैं। हमारे प्रभु परमेश्वर ने अपने वचन और अपनी आत्मा के द्वारा हमें यह घोषित और प्रमाणित किया है कि उसकी सच्चाई क्या है। न तो बल से, न शक्ति से, लेकिन मेरी आत्मा के द्वारा, और तेरा वचन सत्य है।

उसने आज दुल्हन को पूरी तरह प्रमाणित कर दिया है कि यीशु मसीह कल,आज और युगानुयुग एक सा है। उसने हमें दिखाया और प्रकट किया है कि इस घड़ी का संदेश और संदेशवाहक एक ही हैं। उसने अपने वचन में छिपे सभी रहस्यों को हमें प्रकट किया हैं। उसने अपने पवित्र आत्मा के द्वारा इसे हमारे लिए साबित किया है। हमारे मनो में, हृदय में या प्राणों में कोई सवाल नहीं है। टेपों पर उसकी आवाज दुल्हन के लिए यहोवा यों कहता है वाला वचन है।

परमेश्वर ने हमेशा अपने पास आने के कई मार्गों की अनुमति दी है। वह उसकी अनुमति की इच्छा को अपनी सिद्ध इच्छा बना देता हैं। लेकिन उसने अपने बच्चों के लिए हमेशा ही एक सिद्ध इच्छा और सिद्ध मार्ग भी प्रदान किया है। बहुत से लोग परमेश्वर की सेवा करने के लिए अलग मार्ग अपनाने का प्रयास करते हैं, जो उसकी सिद्ध इच्छा के अनुसार नहीं होता। वह देखने और सुनने में उसकी सिद्ध इच्छा जैसा लग सकता है, लेकिन ये उसके वचन के अनुसार नहीं होता है।

यहाँ तक कि एक महान व्यक्ति भी, जो अभी-अभी परमेश्वर की उपस्थिति से अभिषिक्त होकर आया है, उसने परमेश्वर के लिए कुछ करने का प्रकाशन पाया है और इसे करना चाहता है; लेकिन उसका वह प्रकाशन गलत होता था।

हममें से प्रत्येक को उसके द्वारा प्रदान किये गये सिद्ध मार्ग हो खोजना ही है। हम कैसे जानेगे कि हम उसकी सिद्ध इच्छा में हैं, यदि कोई वास्तव में अभिषिक्त व्यक्ति, जो प्रकाशन के साथ परमेश्वर की उपस्थिति से ताज़ा होकर आया हो, वो उसकी सिद्ध इच्छा से बाहर हो सकता है?

निश्चित रूप से जानने का केवल एक ही मार्ग है, और परमेश्वर ने अपनी दुल्हन के लिए उस मार्ग को प्रदान किया है।

स्वयं परमेश्वर की आवाज ने इस कलीसिया से, और आप सभी से जो टेप सुनते हैं, तथा संसार के विभिन्न भागों में जुड़े लोगों से तब भी और अब भी बताया है कि जो वह कह रहा है उसे बहुत ध्यान से सुनना है और इससे चूकना नही है।

इसलिए मैं, यीशु मसीह के नाम में कहता हूँ: तुम इसमें कुछ भी न जोड़ो, न घटाओ, अपनी किसी भी विचार को इसमें मत डालो; जो उन टेपों में कहा गया है बस वही कहो, और जो प्रभु परमेश्वर ने करने का आदेश दिया है, बिलकुल ठीक वही करो; उसमें कुछ भी मत जोड़ो!

उसे यह नही कहा, इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रचारक वचन का प्रचार नहीं कर सकते, शिक्षक वचन की शिक्षा नहीं दे सकते, या पास्टर या भविष्यद्वक्ता अपने बुलाहट का कार्य नही कर सकते; उन्हें करना ही चाहिए, मुझे भी करना है। हमें ऐसा करने के लिए बुलाया और नियुक्त किया गया है। हमें लोगों के लिए इस संदेश और संदेशवाहक की ओर संकेत करना है और हवाला देना चाहिए, क्योंकि यही हमारे समय का वचन है।

लेकीन वो स्पष्ट रूप से हमें बताता है कि हम सब सच्चे अभिषेक के साथ, पवित्र आत्मा से परिपूर्ण होकर, ताज़े प्रकाशन के साथ भी उसकी इच्छा से बाहर हो सकते हैं। हमारे समय में उसने एक सिद्ध मार्ग को प्रदान किया है जिससे निश्चित रूप से जाना जा सके कि हम परमेश्वर की आवाज को स्वयं परमेश्वर से सुन रहे हैं। यही एकमात्र सिद्ध मार्ग है।

सेवकाई को केवल इस संदेश का प्रचार करना और हवाला ही नहीं देना है, बल्कि लोगों को टेपों पर परमेश्वर की आवाज भी सुनानी चाहिए। परमेश्वर की आवाज सुनने से बढ़कर कोई अभिषेक नहीं है। बिना किसी संदेह के यह जानने का कोई और तरीका नहीं कि जो हम सुन रहे हैं यह बिलकुल ठीक वही है जो परमेश्वर ने कहा।

इस युग में, संसार के इतिहास में किसी भी अन्य समय में इस तरह से नहीं हुआ, कि परमेश्वर ने ऐसा मार्ग प्रदान किया हो जो इसे चूकने से असंभव बनाता हो, यदि आप उसकी पहले से ठहराई हुई दुल्हन हैं। इसे अग्नि के स्तंभ के द्वारा प्रमाणित और प्रकट किया गया है कि यह स्वयं परमेश्वर की आवाज है जो सीधे अपनी कलीसिया से बोल रही है।

सैकड़ो वर्षो से होते हुए परमेश्वर के बच्चों ने स्वयं उसकी आवाज सुनने की लालसा की है और भूख रखी है। किस तरह से वे चाहते थे कि वे उस दिन में वहाँ पर होते जब यीशु ने पहाड़ पर हजारों लोगों को प्रचार किया। वे सुनना चाहते थे कि वह किस तरह से अपने वचन को प्रेम और करुणा के साथ बोलता था। वे सुनना चाहते थे किस तरह से वो हर वचन पर जोर देता था। कैसे वह उनके हृदयों को प्रोत्साहित करता था।

हम अब जीवित हैं और परमेश्वर की उपस्थिति में उसकी आवाज को सुन रहे हैं।

बहुत ही जल्द एक दिन हम इस प्रकार के जीवन में वापस नहीं लौटेंगे। हम अमरहार रूप में लौटेंगे। साथ ही पाप समाप्त हो जाएगा। शैतान हजार वर्षों के लिए बंधा रहेगा, और हम इस धरती पर रहेंगे जो प्रभु हमारे परमेश्वर ने हमें दिए है।

हम 100 प्रतिशत सम्पूर्ण हैं। हम अपने जीवन में कभी भी इतने प्रसन्न और निश्चिंत नहीं रहे है। हम उसके और उसके वचन के साथ एक हैं। हम उसका वचन हैं। हम उसकी आवाज और उसके वचन के साथ बने रहने के द्वारा उसकी सिद्ध इच्छा में हैं। वह किसी भी दिन हमें अपने साथ लेकर जाने के लिए आने वाला है।

धन्यवाद प्रभु यीशु!

प्रभु आपके परमेश्वर ने आपको घोषित किया है कि सच्चाई क्या है। प्रभु आपके परमेश्वर ने अपने वचन और अपनी आत्मा के द्वारा आपको प्रमाणित किया है कि सच्चाई क्या है। “न तो बल से, न शक्ति से, लेकिन मेरी आत्मा के द्वारा।” और आत्मा,“परमेश्वर ऐसे लोगों को ढूंढता है जो आत्मा और सच्चाई में उसकी आराधना करें।” “तेरा वचन सत्य है।” और उसने पूरी तरह प्रमाणित कर दिया है कि यीशु मसीह कल, आज और युगानुयुग एक सा है। उसने आपके लिए संध्या के बीज दिखाए हैं। उसने इसे वचन में आपके लिए प्रकट किया है और अपनी आत्मा के द्वारा इसे साबित किया है।

मैं पूरे हृदय से आप सभी को आमंत्रित करता हूँ कि आप आकर उसकी दुल्हन के एक भाग के साथ जुड़ें जब संसार भर से दोपहर 12:00 बजे जेफरसनविले समय के अनुसार एक होते है, ताकि उसकी आवाज उसके सातवें दूत संदेशवाहक के द्वारा बोले और हमें यह संदेश दे: परमेश्वर की इच्छा के बिना उसकी सेवा करने का प्रयास करना 65-0718M

भाई जोसफ ब्रंहम

 

संदेश सुनने से पहले पढ़ने के लिए वचन:

व्यवस्थाविवरण 4:1-4 / 4:25-26
1 इतिहास 13
1 इतिहास 15:15
भजन संहिता 22
मरकुस 7:7
योएल 2:28
आमोस 3:7
मलाकी 3
संत मत्ती 11:1-15
1 कुरिन्थियों 13:1

 

 

शनिवार, 18 अप्रैल 2026

प्रिय चुनी हुई दुल्हन,

जब हम इस संदेश को सुनते हैं, एक दुल्हन का चुना जाना, तो कुछ लोग सोचते हैं कि भविष्यव्यक्ता केवल हमें उस चरित्र और डील-डौल के विषय में बता रहा हैं और निर्देश दे रहा हैं, जिसके लिए एक पुरुष को देखना चाहिए जब वो एक स्त्री को चुनता है जिसे वो अपनी पत्नी बनाना चाहता है। यह सच है, उसे करना हैं, लेकिन उसके वचनों में एक असली, छिपा हुआ प्रेम-पत्र भी है। वह अपनी दुल्हन पर जो प्रकट कर रहा हैं, वो कहीं ज़्यादा गहरा है। परमेश्वर सीधे-सीधे उससे बात कर रहा हैं, उसे बता रहा हैं कि वह उसमें किस बात के लिए देख रहा था, और उसने उसे आरंभ से ही क्यों चुना। वह चाहता था कि वो जान जाए कि उसने उसे अपनी प्यारी ह्रदयप्रिय दुल्हन होने के लिए चुना है, जिसके साथ वह अपनी अनंतता को साझा करना चाहता है।

आरंभ में, परमेश्वर एक ऐसी दुल्हन के लिए खोज कर रहा था जिसका चरित्र बिल्कुल उसके जैसा ही हो। उसकी वही आत्मा उसमें प्रकट हो। वो एक ऐसी दुल्हन को चाहता था जो उसके प्रति और उसके प्रतिज्ञा किये हुए वचन के प्रति इतनी समर्पित हो, यहाँ तक कि वही मन जो उसमें है, वही मन दुल्हन में भी आ जाए। दुल्हन को अवश्य ही उसी के समान ढाला जाना है।

वह चाहता था कि उसका वैसा ही मांस हो, वैसी ही हड्डियाँ, वैसी ही आत्मा, हर एक चीज वैसी ही हो, बिल्कुल ठीक उसी की तरह। वे दोनों एक बन जाये।

उसकी आँखों में कोई भटकाव या अस्थिरता न हो। वह किसी और आवाज़ के साथ इधर-उधर न फिरे। वह उसके प्रति सच्ची और विश्वासयोग्य रहे, कोई फर्क नहीं पड़ता कोई कुछ भी कहे। वह उसे उसके वचन पर लेती है। जो कुछ भी उसने कहा, वह हर एक वचन पर विश्वास करे चाहे उसे पूरा होने में कितना भी समय क्यों न लगे, वो इसे विश्वास करे। वह उसके वचन के साथ ही बनी रहे।

वह उससे प्रेम करेगी, और केवल उसी से। उसे दुल्हन को बहुत सारा धन-दौलत देने की ज़रूरत नहीं थी, क्योंकि उसके पास अनमोल मोती था, यानी उसका सच्चा प्रकाशन। वह जानती है कि वे दोनों एक है और एक से हैं। उसका आत्मा उसमें वास करेगा। उसे जिस भी चीज़ की आवश्यकता होगी, वो इसे उसे देगा; उसे केवल माँगना है और विश्वास करना है, और वो इसे पूरा करेगा।

वह जानती थी कि वह एक लंबे समय के लिए दूर चला जायेगा कि उसके लिए एक ऐसा घर बना सकें, जिसमें हर चीज़ बिल्कुल उसकी पसंद और उसके मन के अनुसार हो। वह उस घर को ठीक उसी तरह का बना रहा था, जैसा उसे पसंद आएगा। वह जानती थी कि एक दिन वो उसके लिए वापस लौटेगा, जैसा कि उसने प्रतिज्ञा की थी, और तब उनके पास एक हज़ार वर्षों का एक भव्य विवाह-भोज होगा। फिर, वे दोनों मिलकर उस सुंदर से घर में जायेंगे, जिसे उसने उसके लिए बनाया था ताकि वो वहाँ अनंता के लिए रहे।

उसके लिए और कुछ भी कोई मायने नहीं रखेगा। उसे और किसी चीज़ की चाहत नहीं होगी। वह इस बात को जानकर इतनी संतुष्ट और तृप्त होगी इस प्रकाशन को जानकर कि वो कौन है, और वो स्वयं कौन है। वो जान जायेगी कि वो अपने वचन को पूरा करता है। वह संतुष्ट होगी, यह जानते हुए कि वही वो एक है जिसे उसने अपनी दुल्हन होने के लिए चुना है।

मेरे भाइयों और बहनों, स्वर्ग और पृथ्वी के महान परमेश्वर ने अनंतता में से होते हुए देखा और आपको चुना है… आपको अपनी चुनी हुई प्यारी ह्रदयप्रिय दुल्हन बनाये।

मैं आपको आमंत्रित करता हूं कि इस रविवार को आप मेरे साथ और उसकी दुल्हन के एक भाग के साथ आकर जुड़ें, जब वह अपने शक्तिशाली दूत के जरिये बोलता है और हमें बताता है कि हम उसकी चुनी हुई दुल्हन हैं।

भाई जोसफ ब्रंहम

 

संदेश: 65-0429E / एक दुल्हन का चुना जाना

समय: दोपहर 12:00 बजे जेफरसनविले के समय के अनुसार

 

वचन:

उत्पत्ति 24:12-14
यशायाह 53:2
प्रकाशितवाक्य 21:9

 

 

शनिवार, 11 अप्रैल 2026

प्रिय जिलाये हुए लोगों,

इस ईस्टर सप्ताहांत में उकाबों के जैसे हमारे ह्रदय ने किस तरह से ऊँची उड़ान भरी। दिन प्रति दिन उसका अभिषेक अधिक से अधिक बढ़ता गया। प्रभु भोज, दफनाया जाना, सिद्धता, उसका महान चरम बिंदु जिसके लिए उसने हमें बनाया था: यह सूर्य का उदय होना है…महिमा, वह जी उठा और हम में से प्रत्येक के अंदर जीवित है। वह हममें से प्रत्येक के लिए अपने वचन को ऐसे प्रकट कर रहा था जैसे हमने पहले कभी नहीं सुना। अभिषेक ने हमारे हृदय को भर दिया, उसकी उपस्थिति ने वातावरण को भर दिया; ऐसा लग रहा था जैसे रैपचर निकट आ गया हो।

उसने हमें बताया कि 2000 वर्ष पहले क्या हुआ था, और फिर अब 2026 में क्या हो रहा है। यीशु परमेश्वर के गेहूं का पहला दाना था जो मरे हुओं में जी उठा था। वो परमेश्वर की जिलाने वाली सामर्थ के द्वारा जी उठा था। परमेश्वर ने उसके जीवन को जिलाया, उसे मरे हुओं में से उठा कर खड़ा किया, और वह उन लोगों में से पहला फल था जो सो गए थे। वह पहला एक था जो परिपक्वता में आया, परमेश्वर का पूला जिसे परमेश्वर को धन्यवाद देने के लिए स्मारक के रूप में हिलाया गया था, यह विश्वास करते हुए कि हममें से बाकी के लोग आ रहे है। यह एक चिन्ह था।

फिर उसने हमें प्रकट किया कि आज किस बात ने जगह ली है। जैसे वो पेंटीकोस्ट के दिन हिलाया गया था, जब स्वर्ग से एक लहर जैसी आवाज़ आई, एक तेज़ सनासनाती आंधी लोगों पर हिलाई गई। इसे लोगों के सामने फिर से हिलाया जा रहा था जैसा कि उसने लुका 17:30 और मलाकी 4 में प्रतिज्ञा की थी, जब मनुष्य का एस-ओ-एन पुत्र प्रकट होगा और लोगों के ऊपर फिर से हिलाया जाएगा।

अब, मनुष्य का पुत्र कौन है? “आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। और वचन देहधारी हुआ, और हमारे बीच में वास किया।“ और यदि हमारे पास जो सारी शिक्षा है, और परमेश्वर के वचन की पुष्टि; परमेश्वर के वचन के द्वारा, चिन्हों के द्वारा, अद्भुत कार्यों के द्वारा, हम आज देखते हैं, कि यहाँ लुका की—की किताब में, जैसा कि हमने अभी-अभी हवाला दिया है, या उस—उस लुका का 17वां अध्याय और 30वां पद; और मलाकी 4, और भिन्न-भिन्न वचन जिनसे हम परिचित हैं, कि वह वचन फिर से लोगों पर हिलाया गया है, कि मनुष्य की मृत परंपरायें मर चुकी हैं, और परमेश्वर का पुत्र ठीक हमारे बीच में पवित्र आत्मा के बपतिस्मे के साथ फिर से जीवित है, और हमें जीवन दे रहा है।

पवित्र आत्मा बस हमारे ऊपर हिलाता रहा और हिलाता रहा, अपने वचन को प्रकट करता रहा और प्रकट करता रहा…गतिकी, यांत्रिकी, जिलाने वाली सामर्थ…

फिर, जब ऐसा लगा कि यह इससे बढ़कर नहीं हो सकता, तो उसने हमें बताया:

उसने मुझे पर्दे के उस पार देखने दिया, और मैंने वहां आप सभी को वहां देखा… वे सभी जिसे आपने कभी प्रेम किया था, और वे सभी जिन्होंने आपसे प्रेम किया था, वे सभी आपको दिए गये हैं।“ देखा? मैंने उन सबको वहां इस तरह से देखा। यह क्या था? जिलाने वाली सामर्थ

उसने हमें वहां देखा!! समय के पर्दे के उस पार…हम वहाँ उसके साथ थे; हमारे सभी प्रियजन जो हमसे पहले चले गए…पिता, मातायें, बच्चे। हम वहां उनके साथ थे और वे सभी जिनसे हम कभी नहीं मिले थे: मूसा, एलिय्याह, पतरस, पौलुस…हम सभी वहां एक साथ थे।

फिर, ठीक जैसे कि वो प्रिय पवित्र आत्मा है, उसने हमें भूलना नहीं चाहा जो बीमार है, उदास और हताश है, इसलिए उसने खुद को फिर से हमारे ऊपर हिलाया जिससे कि हर एक जन चंगा हो सके जिसकी हमें जरूरत थी।

ये लोग, जो राज्य के साथी नागरिक हैं, जिलाने वाली सामर्थ के अधिकारी, इसे उनके लिए जिला, प्रभु, ठीक अभी। और होने पाये वो आत्मा उकाब से उकाब तक, वचन से वचन तक जाती रहे, जब तक कि यीशु मसीह की संपूर्णता प्रत्येक शरीर में प्रकट न हो जाए, शारीरिक, आत्मिक के लिए, या कोई भी आवश्यकता क्यों ना हो, जैसा कि हम एक दूसरे पर हाथ को रखते हैं। यीशु मसीह के नाम में।

वो वचन। वो आवाज़। हर एक चीज जिसकी हमें आवश्यकता है वो टेप पर है, दुल्हन। परमेश्वर अपने वचन के बारे में अपना विचार नहीं बदलता है। एक भी अंश या एक बिंदु भी नहीं बदला जा सकता, इसलिए उसने एक ऐसा मार्ग बनाया जिससे उसकी दुल्हन अपने कानों से वही सुन सके जो वह उनसे कहना चाहता था।

परमेश्वर ने अपनी दुल्हन से बात की है और सब कुछ प्रकट किया है। इसे रिकार्ड किया गया है। दुल्हन को दूल्हे के पास आना ही होगा; यही उसका सिद्ध मार्ग है जो आज के लिए बनाया गया है। प्रभु यों कहता हैं।

क्या परमेश्वर कभी अपने वचन के बारे में अपना विचार बदलता है? नहीं। उसके पास एक सिद्ध इच्छा है और एक अनुमति दी गयी इच्छा है। दुल्हन को उसकी सिद्ध इच्छा में रहना होगा। स्वयं परमेश्वर से सीधे परमेश्वर की आवाज को सुनने से बढ़कर कोई सिद्ध इच्छा या सिद्ध स्थान नहीं है।

आप सभी को मेरा आमंत्रण है कि रविवार को दोपहर 12:00 बजे जेफरसनविले के समय के अनुसार हमारे साथ जुड़ें, ताकि आप परमेश्वर की आवाज़ को सुनें जो हमारे लिए शुद्ध वचन को लेकर आती है। इसमें कोई अनुमान लगाने की ज़रूरत नहीं है, बस आराम से बैठें और हर एक वचन के लिए आमीन कहें…ऐसा करने के लिए और कोई स्थान नहीं है; यह केवल चालू करने के बटन को दबाकर ही किया जा सकता है।

भाई जोसफ ब्रंहम।

 

संदेश: 65-0418E— क्या परमेश्वर कभी अपना विचार अपने वचन के प्रति बदलता है?

हम परिच्छेद 61 से आरंभ करेंगे।

 

संदेश सुनने से पहले पढ़ने के लिए वचन:

निर्गमन 19वां अध्याय
गिनती 22:31
संत मत्ती 28:19
लूका 17:30
प्रकाशितवाक्य 17वां अध्याय

 

 

रविवार, 5 अप्रैल 2026

प्रिय दुल्हन, आइए आज हम सब एक साथ इकट्ठा हों और संदेश 65-0418M ये सूर्य का उदय होना है को सुनें। यह वोइस रेडिओ पर सुबह 9:30 बजे जेफरसनविले के समय के अनुसार प्रसारित होगा।

भाई जोसफ ब्रंहम

शनिवार, 4 अप्रैल 2026

प्रिय दुल्हन, आइए आज हम सब एक साथ इकट्ठा हों और संदेश 57-0420 दफनाया जाना को सुनें। यह वोइस रेडिओ पर दोपहर 12:30 बजे जेफरसनविले के समय के अनुसार प्रसारित होगा; लेकिन जो लोग विदेशों में हैं, वे निसंकोच उस समय में सुन सकते है जो आपके परिवार के समय सारिणी के अनुकूल हैं।

भाई जोसफ ब्रंहम