Sun Apr 26, 2020 10:00 AM EDT
प्रिय रानी,
और आज दुल्हन को मसीह की देह में से गया है; जो कि ठीक वैसा ही काम कर रही है जैसा उसने कहा था कि वह इस दिन करेगी, दुल्हन, रानी; राजा और रानी।
यीशु जब वह पूरा वचन बन गया, तो हम भी तब उसका ही एक भाग थे । वहां कोई शैतान, कोई शक्ति या कोई भी चीज़ हमसे कभी भी इसे छीन नहीं सकती। यह प्राण का वह मज़बूत आधार है जो उसे जोड़े रखता है।
जो हम सुनते है उस हर एक संदेश के साथ दुल्हन के पास क्या ही एक बेदारी है! ये मनुष्य के शब्दों में व्यक्त करने से परे है। इसमें ज़रा भी सन्देश की छाया नहीं है कि परमेश्वर ने हमें चुना है और आज के लिए हमें अपने वचन का सच्चा प्रकाशन दिया है। इसलिए, हम जानते हैं कि हम कौन हैं, उसकी रानी।
टेप पर अपनी दुल्हन से बात करती हुई परमेश्वर की आवाज़ ही उसकी दुल्हन को सिद्ध बना रही है। कोई और सेवकाई या कोई और आवाज़ नहीं है; कोई भी चीज़ उसकी दुल्हन को सिद्ध नहीं बना सकती, लेकिन परमेश्वर खुद मनुष्य के होंठों के ज़रिए सीधे अपनी दुल्हन से बात कर रहा है। दूसरे लोग हो सकता है कोई विकल्प को चाहते होंगे, लेकिन उसकी दुल्हन उसकी आवाज के अलावा किसी और चीज़ से संतुष्ट नहीं होगी, जो उसकी दुल्हन के लिए उसका प्रेम-पत्र है; क्योंकि उसकी भेड़ केवल उसकी आवाज़ को ही सुनना चाहती हैं।
लोग कहते हैं कि हम भविष्यव्यक्ता पर बहुत ज़्यादा ज़ोर डालते हैं। यह कितनी अजीब बात है कि लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते कि महान स्वर्गीय पिता ने खुद अपने दूत की इतनी अधिक परवाह की कि उसने उसके विषय में हर छोटी-बड़ी बात का बहुत अधिक महत्व दिया; जिस तरह से उसने कपड़े पहने, जिस तरह से उसका व्यवहार, उसका चरित्र और उसकी आदतें थी।
उसने यहाँ तक उसे वैसे ही कपड़े पहनाए जैसे वो खुद पहनता था; उसका स्वभाव, उसकी महत्वाकांक्षा, एक-एक चीज उसी तरह से जैसा उसे होना चाहिए था, बस सिद्ध रूप से परमेश्वर ने खुद हमारे लिए उसे चुना था... और फिर भी लोग कहते हैं कि हम भविष्यव्यक्ता पर बहुत अधिक ज़ोर देते हैं।
हमारे लिए, टेप पर वो आवाज़ किसी मनुष्य के शब्द नहीं है, न ही इसे किसी मनुष्य के द्वारा बोला गया है, न किसी मनुष्य द्वारा लाया गया है, और न ही इसे किसी मनुष्य के द्वारा प्रकट किया जा सकता है। यह परमेश्वर का वचन है जिसे खुद परमेश्वर ने प्रकट किया है, वो खुद अपना अनुवादक हैं, और मसीह अपने ही वचन में खुद को प्रकट कर रहा हैं।
कुछ लोग सुन तो सकते हैं, लेकिन पूरी तरह पहचान नहीं पाते है। आप उन्हें बता सकते हैं, उन्हें दिखा सकते हैं, लेकिन वे बस देख नहीं सकते है। हम उनसे प्रेम करते हैं, उनके लिए प्रार्थना करते हैं, लेकिन परमेश्वर ने हमें जो प्रकट किया है, यह उसकी सिद्धता है।
यह आज मसीह की दुल्हन के बीच होने वाले बड़े विभाजन का लिटमस टेस्ट या सच्चाई जानने का परीक्षण है, जो यह दावा करता है कि उनके पास इस महान अंतिम-समय के संदेश का सच्चा प्रकाशन है।
लिटमस टेस्ट की परिभाषा: एक ऐसी निर्णायक बात, एक ऐसा निर्णायक कारक, प्रश्न या घटना, जो किसी व्यक्ति या वस्तु की वास्तविक प्रकृति, गुणवत्ता या स्थिति को तुरंत प्रकट कर दे।
सबसे पहले मैं एक बार फिर से कहना चाहता हूं कि मैं परमेश्वर द्वारा बुलाई गयी सच्ची सेवकाई में विश्वास करता हूं। हर एक ऑफिस या पद की अपनी ज़रूरत और स्थान है। वचन कहता है कि इन मनुष्यों की सेवकाई संतों को सिद्ध बनाने के लिए है, लेकिन यह नहीं कहता कि प्रत्येक पांच प्रकार की सेवकाई संतों को सिद्ध कर देगी। भाई ब्रंहम ने साफ़-साफ़ बताया है कि हर युग में सेवकाई भटक जाती है, तो फिर वे दुल्हन को कैसे सिद्ध कर सकते हैं?
वहां बहुत से प्रचारक, शिक्षक, प्रेरित और भविष्यव्यक्ता हैं जिन्होंने प्रचार किया कि वे इस अंतिम समय के संदेश में विश्वास करते हैं और भाई ब्रंहम ही प्रकाशितवाक्य 10:7 की आवाज़ थे; पर अब वे कहते हैं कि यह झूठ है, वो भरमाने वाला था, और हम एक संप्रदाय हैं।
ये बहुत ही सम्मानित सेवक थे जिनके पास बड़ी संख्या में सभा के लोग थे जिन्होंने दुनिया भर में यात्रा करके सेवकाई की। उन्हें पांच प्रकार की सेवकाई के महान अगुवाई करने वालो के रूप में देखा जाता था, जो पूरे अमेरिका में कन्वेंशन और कलीसिया में प्रचार कर रहे थे। लोगों की दृष्टि में उनकी सेवकाई बहुत बड़ी थी, और लोंगों ने उन्हें परमेश्वर के महान सेवक मानकर उनका अनुसरण किया।
फिर वहां आज ऐसे सेवक भी हैं जिन्हें सच्चे पांच प्रकार की सेवकाई के तौर पर व्यापक रूप से पहचाना जाता है जो कि इस संदेश का हवाला देकर और प्रचार करके इसमें विश्वास करने का दावा तो करते हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहते हैं कि यह संदेश परम सत्य नहीं है। एक मनुष्य के संदेश का दिन खत्म हो चुका है। अब पांच प्रकार की सेवकाई का काम दुल्हन को सिद्ध करना है, और कलीसिया में टेप चलाना या कुछ बातों के विवरण का हवाला देना गलत है।
हम जानते हैं कि अंतिम समय में झूठे अभिषिक्त लोग होंगे; भविष्यव्यक्ता ने हमें उनसे सावधान रहने की चेतावनी दी थी। उनकी सेवकाई भी अभिषिक्त होगी। उनके पास पवित्र आत्मा होगा, इसलिए वे इस घड़ी के संदेश का हवाला देंगे। वे इतने नजदीक होंगे कि यदि संभव होता, तो वे चुने हुए लोगों को भी भरमा देते।
यह सांप्रदायिक लोग नहीं हैं। वे चुने हुए लोगों को भरमाने की शुरुआत भी नहीं कर सकते। इसलिए, ये अवश्य ही उससे भी कहीं ज़्यादा नजदीकी होना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि हर एक सेवक भटक गया है; बिल्कुल नहीं। वहां परमेश्वर के ऐसे महान लोग हैं जो सच्चाई का प्रचार करते है और शिक्षा देते हैं, लेकिन हर एक विश्वासी को अवश्य ही एक बात को पहचानना है और खुद से पूछना है:
क्या जिस सेवक के पीछे आप चलते हैं, उनसे कोई गलती हो सकती है?
क्या आप उसकी कही गयी हर एक बात पर आमीन कह सकते हैं?
क्या आप विश्वास करते हैं कि हर एक वचन जो वो सिखाता है वो यहोवा यों कहता है वाला वचन है?
क्या उसकी आवाज़ ही सबसे महत्वपूर्ण आवाज़ है जिसे आपको सुनना ही है?
क्या वो गलत बात को प्रचार कर सकता हैं?
क्या 30 साल तक संदेश का प्रचार करने के बाद भी उससे गलत दिशा में जा सकता है? क्या वे विफल हो सकता हैं?
क्या वे आपको गलत बातें बता सकता हैं?
क्या वो भरमा सकता हैं?
अब टेप पर सुनाई देने वाली परमेश्वर की उस प्रमाणित आवाज़ के विषय में खुद से वही सवाल पूछें।
क्या टेप पर दिया गया संदेश गलती कर सकता है: नहीं।
जो वो कहता है उसके हर एक वचन पर विश्वास कर सकते हैं और आमीन कह सकते हैं? जी हाँ।
क्या यह विफल हो सकता है? नहीं।
क्या वह गलत बातें प्रचार कर सकता है? नहीं।
क्या यह आपको गलत बातें बता सकता है? नहीं।
क्या आप सुने हुए हर एक वचन पर अपनी अनंत मंज़िल को दांव लगा सकते हैं? हाँ!!!
क्या यह परमेश्वर की आवाज़ है?जी हाँ।
मैं इन बातों को क्यों कह रहा हूं? इस बात को बताने के लिए कि हर एक मनुष्य गलतियाँ कर सकता हैं और करते भी हैं, लेकिन टेप पर परमेश्वर की आवाज़ कभी गलती नहीं कर सकती। इसीलिए ये वो सबसे महत्वपूर्ण आवाज़ है जिसे अवश्य ही आपको सुनना है। इसीलिए सेवकाई को अपनी कलीसियाओं में अवश्य ही इन टेप को चलाना चाहिए। यह परमेश्वर का सिद्ध प्रदान किया गया मार्ग है और जिसे उसने अपनी दुल्हन के लिए बनाया है।
निश्चय ही, मैं विश्वास करता हूं कि आप दूसरों को भी सुन सकते हैं, लेकिन एकमात्र आवाज़ जिसे आपको सुनना ही है और टेप पर उस आवाज़ के हर एक वचन का विश्वास करना चाहिए। वह एकमात्र ऐसी आवाज़ है जिसके हर एक वचन पर हम आमीन कह सकते हैं।
यह परमेश्वर का आदेश है कि आपको हर एक वचन पर विश्वास करना ही है, और टेप पर जो वचन आप सुनते हैं, वही एकमात्र वचन है जिसे अग्नि के स्तंभ के द्वारा सत्य होने के लिए प्रमाणित किया गया है। परमेश्वर ने कहा कि विलियम मेरियन ब्रंहम ही उनके वचन का एकमात्र दिव्य अनुवादक हैं, क्योंकि यह उसका वचन नहीं है, लेकिन ये परमेश्वर का वचन है।
इसमें एक भी बिंदु या जरा भी बदलाव न करें। कोई भी मनुष्य इतना सिद्ध नहीं होता; केवल परमेश्वर की आवाज़ ही इतनी सिद्ध है। यहाँ तक कि जो हम सुनते है उसे समझ नहीं पाते, तब भी हमें बस इतना विश्वास करना होगा कि यह अपनी दुल्हन के लिए परमेश्वर की प्रमाणित आवाज़ है।
सचमुच, पवित्र आत्मा परमेश्वर के लोगों का नेतृत्व कर रहा है। सचमुच, पवित्र आत्मा ने उन्हें पास्टर, प्रचारक और शिक्षक बनने के लिए बुलाया है; यह सच है, लेकिन वे सिद्ध नहीं हैं। लेकिन परमेश्वर ने एक ऐसा मार्ग बनाया है जिससे कि आप हर बार इकट्ठा होने पर सिद्ध वचन को सुन सकें।
आज लोग और सेवकाई, दोनों ही कोई विकल्प को चाहते हैं। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई किसी सेवक के साथ वैसा व्यवहार करे जैसा वे भाई ब्रंहम के साथ करते हैं?… “मैं आपको 30 मिनट का समय देता हूं, उसके बाद आपको रुकना होगा; मेरे पास एक संदेश है मुझे इसे देना है। आप टेप कभी भी सुन सकते हैं। मैं जानता हूं कि इस सभा के लोगों को आज के समय के हिसाब से क्या सुनने की ज़रूरत है।” ज़्यादातर लोग टेप का एक छोटा सा भाग भी नहीं चलाते, और कहते हैं कि अपनी कलीसियाओं में परमेश्वर की आवाज़ को चलाना गलत है।
क्या कोई सही दिमाग का व्यक्ति ऐसे सेवक के बारे में कल्पना कर सकता है जो अपने कलीसिया में परमेश्वर की आवाज़ न चलाने के लिए कोई बहाना बनाए, क्योंकि वे विश्वास करते है कि उन्हें प्रचार करना चाहिये? वे ऐसा कहते तो हैं, लेकिन वे यह विश्वास नहीं करते कि यह परमेश्वर की आवाज़ है, नही तो वे टेप को नही चलाने का कोई बहाना कभी नहीं बनाते।
कोई कैसे दावा कर सकता है कि वो विश्वास करते है कि यह परमेश्वर की आवाज़ है और फिर भी इसे उनकी कलीसिया में नहीं चलाना चाहता? कैसे लोग यह दावा करते है कि वे विश्वास करते है कि यह परमेश्वर की आवाज़ बोल रही है और वे अपने पास्टर से यह माँग क्यों नहीं करते कि उनकी कलीसियाओं में टेप को चलाये? क्योंकि उनके पास भी वही आत्मा है।
निकोदेमुस की तरह ना बने और मत कहिए, “मैं इसे देखता हूं और इस पर विश्वास करता हूं। यह मनुष्य का पुत्र है जो मनुष्य के देह में खुद को प्रकट कर रहा है। यह यहोवा यों कहता है वाला वचन है। यह एक सिद्ध संदेश है। यह टेप पर परमेश्वर की आवाज़ है, लेकिन मैं अपनी सेवकाई को घटा के यह नहीं कह सकता कि मेरी कलीसिया के लिए उस आवाज़ को सुनना अधिक महत्वपूर्ण है।”
भाइयों और बहनों, हो सकता है कि आप इस बात पर मुझसे पूरी तरह सहमत न हों। मैं आपसे ऐसा करने के लिए कहता भी नहीं हूं। बस एक बात है, कि आप बस इस पर विचार करें। आप मुझे जो बताएंगे, मैं उस पर विचार करूँगा। यदि सेवक उनकी कलीसियाओं से कहते हैं कि वे कलीसियाओं में टेप चलाने में विश्वास नहीं करते, तो कोई बात नहीं है, मेरे भाई। आप उन्हें खिलाये जो भी आप खिलाना चाहते है।
मैं वचन के साथ सही बने रहने की पूरी कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि भेड़ों को और कुछ नहीं भेड़ का भोजन ही चाहिए और हम विश्वास करते हैं कि टेप पर की आवाज़ ही हमारा भेड़ों का भोजन है। हम उसी के द्वारा जीते हैं: हर एक वचन जो निकलता है... ना ही सिर्फ कभी-कभी किसी एक वचन से नहीं; लेकिन परमेश्वर के मुँह से निकला प्रत्येक वचन जो टेप पर बोला गया है; हम उसी के द्वारा जीते हैं।
यदि मैंने आपको ठेस पहुंचाई है या कुछ गलत कहा, तो परमेश्वर मुझे क्षमा करे और आप मुझे क्षमा करना। हम बस इसी बात पर विश्वास करते हैं और देखते है कि यही सच्चाई है जिसके द्वारा हम जीते हैं। परमेश्वर ने हमें उसकी आवाज़ को सुनने का एक सिद्ध मार्ग दिया है और हम इसे प्रेम करते है।
हमेशा की तरह, मैं उन सभी को आमंत्रित करता हूं जो एक ही समय में हमारे साथ जुड़कर उस आवाज़ को सुनना चाहते हैं, कि जेफरसनविले के समय के अनुसार दोपहर 12:00 बजे हमारे साथ जुड़ें, जहाँ हम सब एक होकर इस संदेश को सुनेंगे: 65-0822M मसीह अपने स्वयं के वचन में प्रकट हुआ।
भाई जोसफ ब्रंहम
संदेश सुनने से पहले पढ़ने के लिए वचन:
निर्गमन 4:10-12
यशायाह 53:1-5
यिर्मयाह 1:4-9
मलाकी 4:5
लूका 17:30
यूहन्ना 1:1 / 1:14 / 7:1-3 / 14:12 / 15:24 / 16:13
गलातियों 1:8
2 तीमुथियुस 3:16-17
इब्रानियों 1:1-3 / 4:12 / 13:8
2 पतरस 1:20-21
प्रकाशितवाक्य 1:1-3 / 10:1-7 / 22:18-19