Sun Apr 26, 2020 10:00 AM EDT
प्रिय चुनी हुई दुल्हन,
जब हम इस संदेश को सुनते हैं, एक दुल्हन का चुना जाना, तो कुछ लोग सोचते हैं कि भविष्यव्यक्ता केवल हमें उस चरित्र और डील-डौल के विषय में बता रहा हैं और निर्देश दे रहा हैं, जिसके लिए एक पुरुष को देखना चाहिए जब वो एक स्त्री को चुनता है जिसे वो अपनी पत्नी बनाना चाहता है। यह सच है, उसे करना हैं, लेकिन उसके वचनों में एक असली, छिपा हुआ प्रेम-पत्र भी है। वह अपनी दुल्हन पर जो प्रकट कर रहा हैं, वो कहीं ज़्यादा गहरा है। परमेश्वर सीधे-सीधे उससे बात कर रहा हैं, उसे बता रहा हैं कि वह उसमें किस बात के लिए देख रहा था, और उसने उसे आरंभ से ही क्यों चुना। वह चाहता था कि वो जान जाए कि उसने उसे अपनी प्यारी ह्रदयप्रिय दुल्हन होने के लिए चुना है, जिसके साथ वह अपनी अनंतता को साझा करना चाहता है।
आरंभ में, परमेश्वर एक ऐसी दुल्हन के लिए खोज कर रहा था जिसका चरित्र बिल्कुल उसके जैसा ही हो। उसकी वही आत्मा उसमें प्रकट हो। वो एक ऐसी दुल्हन को चाहता था जो उसके प्रति और उसके प्रतिज्ञा किये हुए वचन के प्रति इतनी समर्पित हो, यहाँ तक कि वही मन जो उसमें है, वही मन दुल्हन में भी आ जाए। दुल्हन को अवश्य ही उसी के समान ढाला जाना है।
वह चाहता था कि उसका वैसा ही मांस हो, वैसी ही हड्डियाँ, वैसी ही आत्मा, हर एक चीज वैसी ही हो, बिल्कुल ठीक उसी की तरह। वे दोनों एक बन जाये।
उसकी आँखों में कोई भटकाव या अस्थिरता न हो। वह किसी और आवाज़ के साथ इधर-उधर न फिरे। वह उसके प्रति सच्ची और विश्वासयोग्य रहे, कोई फर्क नहीं पड़ता कोई कुछ भी कहे। वह उसे उसके वचन पर लेती है। जो कुछ भी उसने कहा, वह हर एक वचन पर विश्वास करे चाहे उसे पूरा होने में कितना भी समय क्यों न लगे, वो इसे विश्वास करे। वह उसके वचन के साथ ही बनी रहे।
वह उससे प्रेम करेगी, और केवल उसी से। उसे दुल्हन को बहुत सारा धन-दौलत देने की ज़रूरत नहीं थी, क्योंकि उसके पास अनमोल मोती था, यानी उसका सच्चा प्रकाशन। वह जानती है कि वे दोनों एक है और एक से हैं। उसका आत्मा उसमें वास करेगा। उसे जिस भी चीज़ की आवश्यकता होगी, वो इसे उसे देगा; उसे केवल माँगना है और विश्वास करना है, और वो इसे पूरा करेगा।
वह जानती थी कि वह एक लंबे समय के लिए दूर चला जायेगा कि उसके लिए एक ऐसा घर बना सकें, जिसमें हर चीज़ बिल्कुल उसकी पसंद और उसके मन के अनुसार हो। वह उस घर को ठीक उसी तरह का बना रहा था, जैसा उसे पसंद आएगा। वह जानती थी कि एक दिन वो उसके लिए वापस लौटेगा, जैसा कि उसने प्रतिज्ञा की थी, और तब उनके पास एक हज़ार वर्षों का एक भव्य विवाह-भोज होगा। फिर, वे दोनों मिलकर उस सुंदर से घर में जायेंगे, जिसे उसने उसके लिए बनाया था ताकि वो वहाँ अनंता के लिए रहे।
उसके लिए और कुछ भी कोई मायने नहीं रखेगा। उसे और किसी चीज़ की चाहत नहीं होगी। वह इस बात को जानकर इतनी संतुष्ट और तृप्त होगी इस प्रकाशन को जानकर कि वो कौन है, और वो स्वयं कौन है। वो जान जायेगी कि वो अपने वचन को पूरा करता है। वह संतुष्ट होगी, यह जानते हुए कि वही वो एक है जिसे उसने अपनी दुल्हन होने के लिए चुना है।
मेरे भाइयों और बहनों, स्वर्ग और पृथ्वी के महान परमेश्वर ने अनंतता में से होते हुए देखा और आपको चुना है… आपको अपनी चुनी हुई प्यारी ह्रदयप्रिय दुल्हन बनाये।
मैं आपको आमंत्रित करता हूं कि इस रविवार को आप मेरे साथ और उसकी दुल्हन के एक भाग के साथ आकर जुड़ें, जब वह अपने शक्तिशाली दूत के जरिये बोलता है और हमें बताता है कि हम उसकी चुनी हुई दुल्हन हैं।
भाई जोसफ ब्रंहम
संदेश: 65-0429E / एक दुल्हन का चुना जाना
समय: दोपहर 12:00 बजे जेफरसनविले के समय के अनुसार
वचन:
उत्पत्ति 24:12-14
यशायाह 53:2
प्रकाशितवाक्य 21:9