प्रिय एकत्र हुए उकाबो,
इस सप्ताह के संदेश का शीर्षक अपने आप में दुल्हन के लिए पवित्र आत्मा की क्या ही जागरूकता को प्रकट करता है। यह सोचकर कि इस युग में सच्चे अभिषिक्त मनुष्य उठ खड़े होंगे, जिन पर वही पवित्र आत्मा का अभिषेक होगा जो हमारे भविष्यव्यक्ता पर था, लेकिन वे झूठे होंगे।
वचन हमें बताता है कि वे चिन्ह और अद्भुत काम को करेंगे। उन्हें वही बारिश और वही आशीषें मिलेंगी जो सच्चे भविष्यव्यक्ता को मिली थीं। लोग इस युग के प्रमाणित सच्चे वचन से मुड़कर उनके कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे। यह सच्चे वचन के इतना निकट होगा यहाँ तक कि ये चुने हुओं को भी लगभग भरमा दे।
तब वह अभिषेक कितना निकट होगा? क्या यह पहचानना आसान होगा कि क्या सत्य है और क्या झूठ है? भविष्यव्यक्ता ने हमें बताया कि राजा दाऊद, जो परमेश्वर के मन के अनुसार मनुष्य था, और जिस पर अभिषेक था, उसे एक सच्चा प्रकाशन मिला;लेकिन ये गलत था।
क्या! कुछ क्षण के लिए इस बात को अंदर गहराई में उतरने दे। परमेश्वर के चुने हुए राजा के पास सच्चा अभिषेक और सच्चा प्रकाशन था, लेकिन गलत था! परमेश्वर की भेड़ों को बहुत सतर्क रहना होगा कि वे जो सुन रहे हैं वह सच्चा अभिषेक है या झूठा; क्योंकि उनकी अनन्त मंजिल इन्हीं निर्णयों पर निर्भर करती है।
हम जानते हैं कि परमेश्वर ने बहुत से सच्चे अभिषिक्त सेवकों को नियुक्त किया है ताकि वे उसकी दुल्हन का मार्गदर्शन करे और उसे वचन में बनाए रखें। उसका वचन ऐसा कहता है, और हम उनमें से प्रत्येक के लिए प्रभु को बहुत धन्यवाद देते हैं। उन्हें उनके भेड़ों का चरवाहा होने के लिए बुलाया गया है। उन्हें उस झुंड को वचन में बनाए रखना है। और ऐसा करते हुए, उन्हें अपनी भेड़ों को परमेश्वर की एकमात्र प्रमाणित आवाज़ को चलाने से अवश्य ही चूकना नहीं चाहिए।
हमने अभी सुना कि हर मनुष्य गलती कर सकता है, यहाँ तक कि वो सच्चे अभिषेक और सच्चे प्रकाशन के साथ ही क्यों न हो। लेकिन दुल्हन निश्चित रह सकती है, क्योंकि परमेश्वर ने एक सिद्ध मार्ग को प्रदान किया है जिससे कि वे हमेशा ही सच्चे अभिषेक, सच्चे प्रकाशन, सच्चे “यहोवा यों कहता है” को सुन सके; बस चालू करने के बटन को दबाकर।
“जहाँ लोथ है,” जहाँ मन्ना है, जहाँ वचन है, “वहीं उकाब इकट्ठे होंगे।”
जहाँ लोथ है, वहीं पर हम उकाब इकट्ठे होंगे। जहाँ पर ताज़ा मांस है, इस ऋतु का वचन, इस घड़ी का संदेश। और उस मन्ना को खाने के लिए वहां इससे अधिक ताजा स्थान कोई नहीं है कि हम स्वयं परमेश्वर की आवाज़ को बोलते हुए सुनें।
यही उसका वचन है। “मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, लेकिन परमेश्वर के हर एक वचन से जीवित रहेगा।” देखो, पहले से ठहराये हुए इसे जानते हैं। “वे किसी अनजाने वचन के या अनजानी आवाज़ के पीछे नहीं चलेंगे।”
उसका कारण यह है कि हम नहीं जा सकते है, और भरमाये नहीं जा सकते है, क्योंकि इस प्रकाशन के साथ हम स्वयं वचन हैं। हम कुछ और हो ही नहीं सकते। हम कुछ और सुन ही नहीं सकते। हम कुछ और जानते ही नहीं।
“मैं हूँ!” यह ऐसा नहीं है कि “मैं था” या “मैं होऊँगा।” “मैं हूँ,” अर्थात वो वचन अभी है। ना ही वो वचन जो था, या वो वचन जो आने वाला है; लेकिन वो वचन जो अभी है। समझे? “मैं हूँ!” “मैं हूँ” ही वो वचन है। “आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था।” क्या यह सही है? “मैं हूँ।” “परमेश्वर ने मुझे अपने भविष्यव्यक्ता के रूप में भेजा ताकि इसे सत्य प्रमाणित करे। मैं इस वचन का उत्तर हूँ। उसने मुझसे कहा कि यहाँ नीचे जा और इसे कर।”
और जब उसने ऐसा किया, तब फिरौन ने कहा, “हमारे झुण्ड में भी बहुत से लोग हैं जो यह कर सकते हैं,” अर्थात नकल करने वाले।
यीशु ने कहा, “अब यही बात अन्तिम दिनों में फिर से दोहराई जायेगी,” देखो, उसी बात को दावा करते हुए।
प्रभु की स्तुति हो। दुल्हन के लिए एक आश्वासन के विषय में बात करें! जब आपके पास यह प्रकाशन होगा, तब आप जान जायेंगे कि आप उसकी चुनी हुई, पहले से ठहराई हुई, ह्रदय प्रिय दुल्हन हो।
जब हम उन टेप पर परमेश्वर की आवाज़ को सुनते हैं, तब हम मनुष्य के पुत्र की आवाज़ को सुन रहे होते हैं, जो मसीह है। वही वो एक है जिससे हम भोजन को पा रहे हैं। हम किसी मनुष्य से भोजन को नहीं पा रहे हैं; एक मनुष्य, उसके शब्द विफल हो सकते हैं। लेकिन हम मनुष्य के पुत्र के अचूक शरीर-वचन से भोजन को पा रहे हैं।
यदि आप 100% निश्चित होना चाहते हैं कि आप यहोवा यों कहता है को सुन रहे हैं, तो इस रविवार दोपहर 12:00 बजे जेफसननविले के समयानुसार दुल्हन के एक भाग के साथ आकर जुड़े, जैसा कि हम परमेश्वर की आवाज़ को सुनते हैं, जो हमें अंत के समय में अभिषिक्त जनों के विषय में सब कुछ प्रकट करती है।
भाई जोसफ ब्रंहम
संदेश: अंत समय के अभिषिक्त 65-0725M
वचन:
संत मत्ती 5:44-45 / 7:21 / 24:15-28
संत लूका 17:30 / 18:1-8
संत यूहन्ना 14:12
इफिसियों 1:5
2 तीमुथियुस 3:1-8
इब्रानियों 6:1-8 / 11:4
प्रकाशितवाक्य 10:1-7 / 16:13-14
मलाकी 4:5
1 राजा 22:1-28
यिर्मयाह: अध्याय 27 और 28