रविवार
29 मार्च 2026
65-0221E
यह मलकिसिदक कौन है?

प्रिय अनंत जीवन की दुल्हन,

वह कौन सी आवाज़ है जो टेप पर हमसे बात कर रही है?

हम इस सवाल का जवाब केवल परमेश्वर से आये प्रकाशन के द्वारा ही जान सकते हैं। केवल उसकी पहले से ठहराई हुई दुल्हन को ही वह प्रकाशन मिलेगा। इसलिए, हमें अवश्य ही उसके वचन में ढूंढना होगा ताकि हम समझ सकें कि उसने किसे कहा था: उसके वचन का एकमात्र अनुवादक। कौन सात मोहरों को तोड़ेगा और इसे प्रकट करेगा? बाईबल के सभी छिपे हुए रहस्यों को कौन प्रकट करेगा? अपनी दुल्हन को कौन बाहर बुलाएगा और उसका नेतृत्व करेगा? अचूकता की आवाज़ किसके पास होगी?

वचन के अनुसार, वह कोई और नहीं, बल्कि स्वयं मलिकिसिदक है। एक ऐसा मनुष्य जिसका न कोई पिता था और न ही कोई माँ; जिसके दिनों की न कोई शुरुआत थी और न ही कोई अंत। परमेश्वर, जो देहधारी बना, जिसने मांस खाया और मक्के की रोटी खाई, छाछ पी और अब्राहम से बातें की। एक व्यक्तित्व के साथ वो एक व्यक्ति था और जो मनुष्य की देह में रहा।

उसी वचन में यह भी कहा गया कि मलिकिसिदक, वो व्यक्ति, वो व्यक्तित्व, फिर से मनुष्य देह में रहेगा और स्वयं को प्रकट करेगा; ठीक वैसे ही जैसे उसने अब्राहम के लिए किया, तब फिर से एक बार यीशु मसीह के रूप में था; और लेकिन, आज, प्रकाशितवाक्य 10:7 के सातवें दूत संदेशवाहक में है।

उसकी आत्मा उस धरती पर के डेरे में या भवन में समा जाती है, ताकि वह अपनी दुल्हन से बातें कर सके और स्वयं को उसके लिए प्रकट कर सके। परमेश्वर स्वयं मनुष्य की देह में वास करते हुए और बातें कर रहा है। उसका पहला, पूर्ण रूप से लौटाया गया बीज अब पूरी तरह परिपक्वता में आ चुका था। परमेश्वर की संपूर्ण योजना अब लक्ष्य पर आ पहुंची थी; परमेश्वर और मनुष्य अब एक हो चुके थे। परमेश्वर अपनी दुल्हन से सीधे होठों से कान में बातें कर रहा था जैसे उसने अब्राहम के साथ किया था।

उसने आकर और उसमें वास किया, मलिकिसिदक के व्यक्ति में; तब बाद में हमने मलिकिसिदक के बारे में फिर कभी कुछ नहीं सुना, क्योंकि बाद में वही यीशु मसीह बन गया। मलिकिसिदक एक याजक था, लेकिन बाद में वही यीशु मसीह बन गया, अब, आप इसे छोड़ते हुए आये, क्योंकि उस रूप में वह सब कुछ जानता था और आप अभी तक इस बात को पूरी तरह से जान या समझ नहीं सकते हैं।

अभी तक...!! तो फिर, हम कौन हैं?

हमारी आँखें, हमारा डील-डौल, हम जो कुछ भी थे, आरंभ में हम उसके विचारों में थे। इससे पहले कि वहां कभी कोई दूत, कोई तारा, कोई करूब या कुछ भी अन्य चीज अस्तित्व में होती। उसने इसे सोचा, उसने इसे बोला, और यहाँ पर हम है

यह अनंत है। हम इसे अपने मस्तिष्क से समझ-बुझ नहीं सकते; लेकिन यही तो परमेश्वर है। परमेश्वर, अनंत!

क्योंकि आदि में हम उसी में थे, तो इस धरती पर का यह मरणहार जीवन समाप्त होने के बाद हमारे साथ क्या होता है?

जब यह शरीर रूपी वस्त्र उतर जाता है, वहां एक स्वाभाविक शरीर है, पर दैविक शरीर, एक ऐसा शरीर जो हाथों से बना हुआ नहीं है, न ही किसी स्त्री से जन्मा है, जिसकी ओर हम जाते हैं। उसके बाद वह शरीर वापस लौटता है और उस महिमावंत शरीर को धारण कर लेता है।

उसकी दुल्हन के लिए कितनी अद्भुत चीज़ें संचय करके रखी गयी हैं! देखो ठीक अभी जो बात जगह ले रही है, जब वह अपने वचन को हमारे लिए ऐसे प्रकट कर रहा है जैसा पहले कभी नहीं किया गया। उसकी दुल्हन के लिए यह एक प्रेम-पत्र के विषय में बताता है! क्या ही दिन है जिसमें हम रह रहे हैं।

हमारे पास प्रकाशन है और हम जानते हैं कि यह मलिकिसिदक है, परमेश्वर की अवाज, जो टेप पर हमसे बात कर रही है। हमारे पास प्रकाशन है कि यह आज के लिए परमेश्वर की ओर से प्रदान की गई और सिद्ध इच्छा है। इस प्रकार, हम जानते हैं कि वह कौन है और हम उसकी दुल्हन हैं।

यह प्रकाशन हर दिन और भी महान और महान होता जा रहा है। हर एक गुज़रता हुआ दिन हमारे लिए और अधिक आनंद और अधिक प्रकाशन लेकर आता है। दुल्हन उसकी आवज़ की उपस्थिति में बैठकर अपने आप को तैयार कर रही है, जब वह हमें बताता है कि हम कौन हैं, वह हमसे कितना प्रेम करता है, और किस तरह से वह हमारे साथ होने के लिए उत्सुक है!!!

आओ, जेफरसनविल के समय के अनुसार दोपहर 12:00 बजे, जो बात जगह लेने पर है उसके लिए अपने आप को तैयार करे, जब हम मलिकिसिदक की आवाज़ को सुनेंगे।

भाई जोसफ ब्रंहम

 

संदेश: 65-0221E “यह मलिकिसिदक कौन है?”

 

पढ़ने के लिए वचन:

उत्पत्ति अध्याय 18
निर्गमन 33:12-23
यूहन्ना 1:1
रोमियों 8:1
2 कुरिन्थियों 5:1
1 थिस्सलुनीकियों 4:13-18
1 तीमुथियुस 3:16 / 6:15
इब्रानियों 7:1-3 / 13:8
प्रकाशितवाक्य 10:1-7 / 21:16